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पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होना सामानà¥à¤¯ है जिससे आपको घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन इसे नजरअंदाज करना à¤à¥€ ठीक नहीं है। देखा जाठतो आमतौर पर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के समय होने वाले बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ का कोई खास इलाज नहीं है फिर à¤à¥€ समय समय पर इसका जांच करवाना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे उसके कारण और गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ का पता लगाया जा सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है, जिसका इंतजार हर महिला करती है। इससे उसे à¤à¤• नया जीवन मिलता है। लेकिन इसी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में जब कोई दिकà¥à¤•त महसूस होने लगे तो चिंता का विषय बन जाती है। à¤à¤¸à¤¾ ही à¤à¤• विषय है बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œà¥¤ à¤à¤²à¥‡ ही यह समसà¥à¤¯à¤¾ थोड़ी बड़ी लगे लेकिन सही देखà¤à¤¾à¤² और उपाय के साथ इसे नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जा सकता है। आज इस लेख में हम गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान होने वाले बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ पर विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बात करेंगे। हम जानेंगे कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कà¥à¤¯à¤¾ बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होना सामानà¥à¤¯ है, यह कब होता है और इसके कारण à¤à¤µà¤‚ उपाय जैसे सवालों के जवाब à¤à¥€ आपको इस लेख में मिलेंगे।
यह à¤à¥€ पढ़ें | पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में ना करें à¤à¥‚लकर à¤à¥€ ये काम
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होना कà¥à¤¯à¤¾ है?
मदरà¥à¤¸ लैप आईवीà¤à¤« सेंटर की मेडिकल डायरेकà¥à¤Ÿà¤° व आईवीà¤à¤« विषेषजà¥à¤ž डॉकà¥à¤Ÿà¤° शोà¤à¤¾ गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ का आमतौर पर मतलब होता है कि डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ में खून है। जब रकà¥à¤¤ की उमà¥à¤° बढ़ती है, यह तब यह लाल से à¤à¥‚रे रंग में बदल जाता है। हालिया शोध की मानें तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पहले तिमाही के दौरान रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ असामानà¥à¤¯ नहीं है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में थोड़ा सा सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग सामानà¥à¤¯ है, फिर à¤à¥€ इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° को जरूर बताना चाहिà¤à¥¤ आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपकी और à¤à¥à¤°à¥‚ण के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की जांच के लिठअतिरिकà¥à¤¤ टेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ कर सकती हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ आमतौर पर à¤à¥‚रे रंग का होता है, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ आमतौर पर चिंता का कारण नहीं होता है। हालांकि, गहरे à¤à¥‚रे डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होने पर बिना देर किठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° के साथ किसी à¤à¥€ असामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की चरà¥à¤šà¤¾ करना आवशà¥à¤¯à¤• है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि, यह लकà¥à¤·à¤£ किसी आंतरिक संकà¥à¤°à¤®à¤£ का à¤à¥€ हो सकता है, जिसके लिठइलाज की जरूरत हो सकती है। इलाज के बिना, इंफेकà¥à¤¶à¤¨ खतरनाक हो सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होना सामानà¥à¤¯ बात है?
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में यूटरस से बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होने को अमूमन सामानà¥à¤¯ ही माना जाता है। कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ इसे मिसकैरेज मानती हैं जबकि यह उससे बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ है। हां, यदि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के अंतिम दिनों में यह बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ हो रहा है तो जरूर यह सोचा जा सकता है कि अब डिलीवरी के दिन नजदीक आ गठहैं। लेकिन जिसे à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान ये बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने गायनकोलॉजिसà¥à¤Ÿ से जरूर संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ कब होता है?
बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ का मतलब है कि डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ में खून का होना। खून जैसे ही पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ होता जाता है, यह ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¤¾à¤‡à¤œ होता है और फिर गहरे लाल से à¤à¥‚रे रंग में बदल जाता है। à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ तो यहां तक कहती है कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के पहले तà¥à¤°à¥ˆà¤®à¤¾à¤¸à¤¿à¤• में बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होना असामानà¥à¤¯ नहीं है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में थोड़ा डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होना आम है लेकिन फिर à¤à¥€ इसके होने पर अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करना बहà¥à¤¤ ज़रूरी है। संà¤à¤µ है कि गायनकोलॉजिसà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला और à¤à¥à¤°à¥‚ण के कà¥à¤› टेसà¥à¤Ÿ करवाà¤à¥¤ कई बार हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव की वजह से à¤à¥€ कम समय के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होने लगता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होने के कारण?
कई दफ़ा पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान सेकà¥à¤¸à¥à¤…ल इंटरकोरà¥à¤¸ करने से सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ खून से à¤à¤° जाता है, जो इसे संवेदनशील बनाता है। सेकà¥à¤¸à¥à¤…ल इंटरकोरà¥à¤¸ बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ और दरà¥à¤¦ का कारण बन सकता है।
फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œ हो चà¥à¤•े अंडे यूटरस की दीवार तक जाते हैं और खà¥à¤¦ को इमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚ट कर लेते हैं, जिससे à¤à¥€ बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होने लगती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के शà¥à¤°à¥‚आती कà¥à¤› हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में ही यह हो सकता है। कई बार पीरियड की तारीख से पहले à¤à¥€ यह होने लगता है, तब-तक महिला को पता नहीं रहता कि वह पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट है।
डिलीवरी की तारीख पास आते ही कà¤à¥€-कà¤à¥€ कà¥à¤› महिलाओं को बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होने लगता है। 36 से 40 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बीच à¤à¤¸à¤¾ होता है। इस समय यह सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ के सॉफà¥à¤Ÿ होने से जेली की तरह का हो सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि महिला का शरीर डिलीवरी के लिठपूरी तरह से तैयार हो जाता है।
जब पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा असामानà¥à¤¯ रहता है तो उसे मोलर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी कहते हैं। इसमें à¤à¥€ कà¤à¥€-कà¤à¥€ बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होने लगता है।
बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी का à¤à¥€ à¤à¤• लकà¥à¤·à¤£ है। इसमें फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ अंडे खà¥à¤¦ को यूटरस के बाहर इमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚ट कर लेते हैं, अमूमन फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚बà¥à¤¸ में।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल पॉली से खून निकलने की वजह से à¤à¥€ बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होता है।
वजाइना से निकलने वाला यह बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ कà¥à¤› मामलों में मिसकैरेज का संकेत à¤à¥€ हो सकता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान कà¤à¥€-कà¤à¥€ वजाइना में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ हो जाता है और इसकी वजह से à¤à¥€ बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ हो सकते हैं।
बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ को ठीक करने के उपाय
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में महिलाओं को कहा जाता है कि वे काम करें, à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œà¤¼ करें जबकि बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होने के दौरान यह सब नहीं करना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला को अपने आराम पर पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिठऔर à¤à¤°à¤ªà¥‚र नींद लेनी चाहिà¤à¥¤
कई बार अपने पैर को ऊपर उठाकर रखने से आराम मिलता है। इसके लिठतकिये का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है। यह पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान शरीर में बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ को सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¤à¤¾ है और बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ की मातà¥à¤°à¤¾ को कम करता है।
समय पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाना और उनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताई गई दवाइयों का सेवन करना बहà¥à¤¤ ज़रूरी है।
à¤à¤¸à¥‡ में सेकà¥à¤¸à¥à¤…ल इंटरकोरà¥à¤¸ नहीं करने की सलाह दी जाती है।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
कà¥à¤¯à¤¾ बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ का मतलब पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी ही है?
अमूमन लोग यही सोचते हैं कि बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ तà¤à¥€ होता है जब à¤à¤• महिला पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होती है जबकि यह सच नहीं है। जरूरी नहीं है कि यह à¤à¤— फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ वाली बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिलाà¤à¤‚ बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कब मिलें?
बेहतर तो होगा कि पहली बार ही जब बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ हो तो गायनोकोलॉजिसà¥à¤Ÿ से मिल लिया जाà¤à¥¤ लेकिन यदि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला को इसके साथ गंध à¤à¥€ आठतो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से तà¥à¤°à¤‚त मिलना ज़रूरी है।
कà¥à¤¯à¤¾ मेनोपॉज़ में à¤à¥€ हो सकता है बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ?
कई बार देखा गया है कि मेनोपॉज़ के दौर से गà¥à¤œà¤° रही महिलाओं में à¤à¥‚रा रंग का थकà¥à¤•ा निकलता है। इसे पà¥à¤°à¥€-मेनोपॉज़ का à¤à¤• लकà¥à¤·à¤£ माना जाता है।
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